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पुरानी Car खरीदते समय 10 चीज जरूर Check करें | Used Car Checklist

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पुरानी कार खरीदते समय 10 चीज़ें ज़रूर चेक करें | नहीं तो लग जाएगा लाखों का चूना !

दोस्त, सेकंड हैंड कार लेना लॉटरी जैसा है। सही मिल गई तो 3-4 साल मज़े, गलत फँस गई तो गैरेज के ही चक्कर।

मैं खुद 2 बार फँस चुका हूँ। इसलिए आज 10 पॉइंट का ऐसा चेकलिस्ट दे रहा हूँ जो मैकेनिक भी छुपाकर रखते हैं।

यह पढ़ लो, फिर कोई डीलर या एजेंट आपको बेवकूफ़ नहीं बना पाएगा।

1. इंजन स्टार्ट करके आवाज़ सुनो

सुबह ठंडी गाड़ी स्टार्ट करो। अगर खर-खर या टक-टक आवाज़ आए तो इंजन में काम है। साइलेंसर से काला या सफेद धुआँ नहीं आना चाहिए। इंजन गरम होने के बाद भी हल्का वाइब्रेशन सामान्य है, ज़्यादा हिले तो माउंटिंग गई।

2. ओडोमीटर मीटर चेक करो

मीटर 50,000 दिखा रहा है पर पैडल घिसे हुए हैं? स्टीयरिंग कवर उतरा हुआ है? मतलब मीटर रिवर्स हुआ है। सर्विस रिकॉर्ड माँगो। उसमें किलोमीटर लिखे होते हैं।

3. बॉडी लाइन और पेंट देखो

गाड़ी को दूर से देखो। गेट, बोनट, डिक्की की लाइन सीधी होनी चाहिए। पेंट नया चमक रहा हो और उम्र 5 साल हो तो सोचो। मैग्नेट ले जाओ। जहाँ पुट्टी होगी वहाँ चिपकेगा नहीं। मतलब एक्सीडेंट रिपेयर है।

4. आरसी और दस्तावेज़ सत्यापित करें

mParivahan ऐप खोलें और गाड़ी का नंबर डालें। मालिक का नाम, मॉडल, बीमा आदि सब मिलान करें। अगर आरसी पर “हाइपोथिकेशन” लिखा है, तो इसका मतलब है कि ऋण अभी बाकी है। एनओसी माँगें। यदि बीमा समाप्त हो चुका है, तो ₹5000 का खर्च निश्चित मानें।

5. दुर्घटना का इतिहास पता करें

बोनट खोलें। आगे वाले फ्रेम पर वेल्डिंग या नया पेंट दिखे तो गाड़ी टकराई हुई है। डिक्की खोलकर स्पेयर व्हील निकालें। नीचे का फ़्लोर नया लगा हो तो पीछे से टक्कर लगी है। चेसिस नंबर का आरसी से मिलान करें।

6. टायर और बैटरी जाँचें

सभी टायरों की तारीख एक जैसी होनी चाहिए। टायर पर 4 अंकों का कोड लिखा होता है, जैसे 2321। इसका मतलब है 2021 का 23वाँ सप्ताह। 4 साल पुराना टायर मतलब तुरंत ₹20,000 का खर्च। बैटरी पर भी तारीख होती है। हरा संकेतक दिखना चाहिए।

7. एसी, पावर विंडो और म्यूज़िक सिस्टम चलाकर देखें

एसी को 2 मिनट तक फुल पर चलाएँ। क्या ठंडी हवा आ रही है? क्या कंप्रेसर से कोई आवाज़ आ रही है? सभी शीशों को ऊपर-नीचे करें। सेंट्रल लॉकिंग जाँचें। ये छोटे खर्चे भी ₹10,000–15,000 तक पहुँच जाते हैं।

8. खुद टेस्ट ड्राइव ज़रूर लें

100 मीटर नहीं, कम से कम 5 किमी चलाएँ। गड्ढों में, स्पीड ब्रेकर पर और यू-टर्न लेकर देखें। क्या स्टीयरिंग एक तरफ खिंच रहा है? ब्रेक लगाने पर आवाज़ आती है? गियर फँस रहे हैं? क्लच सख्त है? सब नोट करें।

9. सर्विस हिस्ट्री माँगें

अधिकृत सर्विस सेंटर के बिलों की फ़ाइल माँगें। इससे पता चल जाएगा कि नियमित सर्विस हुई है या नहीं। अगर व्यक्ति कहे, “सारा काम लोकल से कराया,” तो समझ जाइए। कोई बड़ा काम छिपाया जा रहा है।

10. मैकेनिक को ₹500 देकर दिखवाएँ

डील फाइनल करने से पहले अपने भरोसेमंद मैकेनिक को गाड़ी दिखाएँ। वह ₹500 लेगा, लेकिन ₹50,000 बचा सकता है। वह नीचे से, इंजन से, सस्पेंशन से सब कुछ बता देगा जो आप नहीं देख पाएँगे।

भाई, याद रखना: जल्दबाज़ी में खरीदी गई पुरानी गाड़ी, ज़िंदगी भर रुलाती है।

इन 10 बिंदुओं का प्रिंट निकलवा लें। गाड़ी देखने जाएँ तो टिक मार्क करते जाएँ। अगर 3 से ज़्यादा बिंदु फेल हो जाएँ, तो डील छोड़ दें।

क्या आपने कभी पुरानी गाड़ी खरीदी है? कौन-सी दिक्कत आई थी? टिप्पणी में बताइए ताकि और लोग बच सकें।

और हाँ, कार बीमा लेने से पहले ऑनलाइन 4–5 जगह दरें ज़रूर जाँच लें। एजेंट के भरोसे ना रहें।

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